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आज की स्वार्थ से ठसाठस भरी इस दुनिया में जहां हर कोई मतलब का यार हो चला है, ऐसे दौर में बेसहारा इंसानों की कौन सुध ले, वो भी तब जब इस कड़ाके की ठंड में हर कोई खुद को महफूज करने की जुगाड़ में रहता है। लेकिन हमारी आपकी इसी दुनिया में आज भी चंद ऐसे लोग हैं जो अपने इरादों और कारनामों से इंसानियत की बुझती लौ को रोशन कर जाते हैं और निस्वार्थ भाव से दूसरों का दुख दूर करने के लिए पूरी शिद्दत के साथ जुट जाते हैं।

आमतौर पर सड़क किनारे नजर आने वाले बेसहारा लोगों को देखकर हम और आप आदतन कन्नी काटकर निकल जाते हैं लेकिन ऊपर तस्वीर में नजर आने वाले विपिन तिवारी से सड़क किनारे ठंड में ठिठुरते असहाय लोगों का दर्द देखा नहीं गया। विपिन ने ऐसे लोगों की मदद को ही अपनी जिंदगी का मकसद बना लिया और निकल पड़े इंसानियत के एक अंतहीन सफर पर।

मध्यप्रदेश शासन के वाटर रिसोर्स डिपार्टमेंट में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर कार्यरत विपिन तिवारी अपने काम के प्रति ईमानदार तो हैं ही, साथ ही समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी बखूबी समझते भी हैं और निभाते भी हैं। कड़ाके की इस ठंड में विपिन ने सड़क-चौराहों पर गुजर बसर करने वाले बेसहारा और असहाय लोगों को जाड़े के सितम से बचाने के लिए कंबल बांटने की मुहिम शुरू की है।विपिन ने नेकी की ओर पहला कदम बढ़ाया तो धीरे-धीरे कारवां भी जुड़ता चला गया। विपिन के काम से प्रभावित होकर पहले उनके साथी कर्मचारी और फिर दोस्त भी इस मुहिम से जुड़ते चले गए। देखते ही देखते राजगढ़ से शुरू हुआ ‘इंसानियत का ये कारवां’ मध्यप्रदेश के दूर-दराज के हिस्सों तक पहुंच गया। Pozitive India से बात करते हुए विपिन बताते हैं कि इंदौर, भोपाल, उज्जैन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा और जबलपुर के अलावा देश के दूसरे राज्यों और शहरों रायपुर, अहमदाबाद और पुणे में भी वो अपने दोस्तों की सहायता से जरूरतमंदों तक कंबल पहुंचा रहे हैं।

विपिन ने अपनी इस पहल को ‘वार्म द विंटर’ (Warm the Winter) का नाम दिया है। इस अभियान के जरिए विपिन और उनकी टीम अब तक 700 से ज्यादा जरूरतमंदों को कंबल वितरित कर सर्दी के सितम से बचा चुकी है।

कभी-कभी हम सोचते हैं कि इतनी नफरत, इतनी बुराईयां, इतना झगड़ा, इतनी मारा-मारी के बीच भी ये दुनिया कैसे चल रही है? लेकिन आज भी कई लोगों के अंदर इंसानियत जिंदा है। यही इंसानियत इस दुनिया को चला रही है, जिसका जीता जागता उदाहरण है विपिन और उसकी टीम जो कोरोना महामारी के इस मुश्किल दौर में भी इंसानियत का फर्ज बखूबी निभा रही है। इंसान को इंसान से जोड़ने की विपिन की इस पहल को पाजिटिव इंडिया दिल से सलाम करता है और हम उम्मीद करते हैं कि इन युवाओं से प्रेरणा लेकर समाज के बाकी लोग भी कोविड-19 के इस बेहद बुरे वक्त में बेसहारा,असहाय और लाचार लोगों की मदद के लिए आगे आएंगे।

पॉजिटिव इंडिया की कोशिश हमेशा आपको हिंदुस्तान की उन गुमनाम हस्तियों से मिलाने की रही है जिन्होंने अपने नए तरीके से बदलाव को एक नई दिशा दी हो और समाज के सामने संभावनाओं की नई राह खोली हो। 

हर रोज आपके आसपास सोशल मीडिया पर नकारात्मक खबरें और उत्तेजना फैलाने वाली प्रतिक्रियाओं के बीच हम आप तक समाज के ऐसे ही असल नायक/नायिकाओं की Positive, Inspiring और दिलचस्प कहानियां पहुंचाएंगे, जो बेफिजूल के शोर-शराबे के बीच आपको थोड़ा सुकून और जिंदगी में आगे बढ़ने का जज्बा दे सकें।

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1 Comments

  1. SHASHANK mishra December 30, 2020

    Excellent work done by pozitiveindia team by exposing such a wonderful personality I reay appriceate all well done.

    Reply

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