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King of achievement: डॉ जय पताडिया

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इस दुनिया में दो तरह के लोग हैं, एक वो जो पूरी जिंदगी इतिहास रटते हैं और दूसरे वो जो इतिहास रचने में विश्वास रखते हैं। हमारी आज की कहानी भी एक ऐसी ही एक शख्सियत की है, जिन्होंने अपने इनोवेशन के बूते न सिर्फ पूरी दुनिया में एक अलग पहचान बनाई बल्कि 98 वर्ल्ड रिकार्ड भी अपने नाम दर्ज किए। 

जुनून का दूसरा नाम है ‘जय’

इस दुनिया में ऐसे लोग कम ही होते हैं जो अपने पैशन को प्रोफेशन बनाने का रिस्क उठाते हैं और फिर उस प्रोफेशन में ट्रेंड से हटकर कुछ नया कर जाते हैं। कुछ अलग करने का यही जुनून जब मुकाम पर पहुंचता है तो लंबे समय तक जमानेभर में उसकी मिसालें दी जाती हैं, कई नए रिकार्ड्स बनते हैं और पूरी दुनिया उसे सलाम करती है। मुंबई के डॉ जय पताड़िया ने भी ऐसा ही एक नया और अनोखा रिकार्ड कायम किया है जिसके लिए उन्हें आज देश-विदेश में बड़े-बड़े सम्मानों से नवाजा जा रहा है। आलम यह है कि जय जल्द ही इन अर्वाड्स की सेंचुरी भी लगाने जा रहे हैं।

मुंबई के लोअर परेल इलाके में THE MBO STORE (multi brand outlet) नाम से डॉ जय का एक शोरूम (गारमेंट्स की दुकान) है। कपड़े की इस दुकान में कुछ खास है जो इन्हें किंग्स ऑफ रिकार्ड बनाता है क्योंकि इनके जैसा अद्भुत कारनामा पूरी दुनिया में अब तक किसी ने नहीं किया है। दरअसल जय ने 456 sq. ft. पर बने अपने सिंगल स्टोर में 72 डमी-पुतले(Maximum number of Mannequins displayed in a single store of 456 Sq.Ft.) डिस्प्ले किए हैं, जो दुनिया के किसी भी शोरूम या गारमेंट्स दुकान में आपको देखने को नहीं मिलेगा। इसी खासियत के चलते उन्होंने अब तक 98 वर्ल्ड रिकार्ड अपने नाम किए हैं। साथ ही उन्हें अब तक दो बार डॉक्टरेट की उपाधि से भी नवाजा जा चुका है। Mannequins displayed in The Mbo Storeडॉ जय पताड़िया ने दस साल पहले 2009 में भारत की आजादी के दिन द एमबीओ स्टोर की नींव रखी। वहीं तीन साल पहले यानि साल 2016 में अपने अनोखे आइडिया के बूते दुनियाभर में देश का नाम रोशन करने का ख्वाब संजोया और पूरी शिद्दत के साथ इसे सच करने में जुट गए। हर रोज 12-12 घंटे काम किया, हर पल अपने फितूर को जिंदा रखा और खुद के बुने सपनों में रंग भरते गए। मेहनत रंग भी लाई और महज तीन साल के भीतर ही डॉ. जय के इस जुनून को दुनियाभर में प्रसिद्धि मिली और नेशनल के साथ ही कई इंटरनेशनल अवार्ड उनके खाते में दर्ज हुए।
डॉ जय का जुनून अभी खत्म नहीं हुआ है वो जल्द ही अपने इस अनोखे रिकार्ड को ग्रिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड और लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में भेजने की तैयारी में है। कामयाबी के इस सफर में सबसे ज्यादा साथ उनकी मां, पिता और पत्नि ने दिया। लिहाजा जय अपनी सफलता और सम्मान का सारा श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद और पत्नि के सहयोग को देते हैं, जिन्होंने हर कदम पर उनका साथ निभाया।

डॉ जय को मिले अवार्ड्स खुद ब खुद उनकी सक्सेस की कहानी बयां करते हैं। हालांकि अवॉर्ड्स का ये सिलसिला अभी थमा नहीं है। हाल ही में उन्हें इंडिया स्टार पैशन अवार्ड 2019 (India Star Passion Award 2019) से नवाजा गया है।

इसके अलावा उन्हें THE PRESTIGIOUS AWARD 2019, RECORD RAISERS, PONDICHERRY BOOK OF RECORD, VICTORIOUS WORLD AWARD 2019, ASSIST WORLD RECORD 2017, GENIUSES WORLD RECORD 2018, EXCLUSIVE SOCIAL AWARD 2019, ICONIC PERSONALITY OF INDIA 2019,  SMART INDIAN NATIONAL AWARD 2019, ASIA WORLD RECORD, WORLD BOOK OF RECORD, INDIA YOUNG ACHIEVER RECORD, GENIUS ENTREPRENEUR OF THE YEAR AWARD 2019, AMERICA BOOK OF RECORD, COSMOS WORLD RECORD,  AWARDS FOR GENIUS PEOPLES IN INDIA, FUTURE KALAM BOOKS OF RECORD, UNIVERSAL ACHIEVERS BOOK OF RECORD से भी सम्मानित किया जा चुका है। डॉ. जय को मिले सम्मान की लिस्ट काफी लंबी है। कई अंतर्राष्ट्रीय सम्मान मिलने के बावजूद जय जमीन से जुड़े शख्स हैं और अपने काम को आज भी बेहद ईमानदारी से करते हैं।

इतने सारे सम्मान मिलने पर जय कहते हैं कि अवार्ड्स इंसुलिन की तरह होते हैं जो आपके सपने साकार करने में मदद करते हैं और यकीन दिलाते हैं कि आप के सपने सच हो रहे हैं।

जैसी सूरत, वैसी ही सीरत

डॉ जय पताडिया अपनी सूरत की तरह ही सीरत के भी धनी हैं। वो पिछले दस सालों से कैंसर पीड़ितों के लिए बड़ी खामोशी से काम कर रहे हैं। एमबीओ स्टोर से होने वाले मुनाफे का एक हिस्सा वो कैंसर पीड़ितों के इलाज और मेडिसीन में खर्च करते हैं। जय अपने बिजनेस के विकास के साथ-साथ एमबीओ स्टोर को एक ऐसे ऑर्गेनाइजेशन की शक्ल में ढालने का ख्वाब बुन रहे हैं, जिसके जरिए कैंसर रोगियों और विशेष रूप से माता-पिता से वंचित बच्चों की बेहतर शिक्षा और उपचार की जिम्मेदार उठाई जा सके।

अगर किसी के 10 साल के जुनून को 98 वर्ल्ड रिकार्ड के साथ ही दो डॉक्टरेट की उपलब्धि मिल जाए, तो उसके इस जुनून को आप क्या कहेंगे…डॉ. जय पताडिया ने अपने नाम की तरह ही कई वर्ल्ड रिकॉर्ड पर विजय पाई है। इनके नाम ऐसे कई अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय रिकॉर्ड्स हैं जो इन्हें दूसरों से अलग और भीड़ में सबसे आगे खड़ा करते हैं। निश्चित तौर पर जय की कामयाबी और कहानी आज के दौर में हर किसी को कुछ नया और अलग करने की प्रेरणा देती है।


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