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मिलिए मुंबई का मेकओवर करने वाली अलहदा आर्टिस्ट रूबल नेगी से

जिंदगी में रंगों की ताकत देखनी हो, तो मुंबई के स्लम इलाके से बेहतर शायद ही कोई दूसरी जगह इस धरती पर हो। दूसरे स्लम इलाकों की तरह यहां पर कभी कोई बाहरी इंसान जाना पसंद नहीं करता था। अपराध, गंदगी, तंग गलिया, बेतरतीब मकान और बदबूदार घर यही इस स्लम की पहचान बन कर रह गई थी। इस पहचान को बदलने और उसे खूबसूरत रंगों से रंग कर उसकी सूरत निखारने का काम किया है मुंबई की कलाकार रूबल नेगी ने। उसने न सिर्फ स्लम इलाकों को एक नया लुक दिया बल्कि स्लम के प्रति लोगों के नकारात्मक रवैये को भी अपनी कला के दम पर बदल दिया।
कला सबके पास होती है लेकिन ज्यादातर लोग अपनी कला का इस्तेमाल केवल खुद की तरक्की के लिए करते हैं। लेकिन आज के सेल्फी वाले सेल्फिस जमाने में भी कुछ लोग ऐसे हैं जो दूसरों की भलाई के बारे में सोचते हैं। ऐसी ही एक शख्सियत, एक बेजोड़ कलाकार हैं रूबल नेगी, जिन्होंने अपनी कला अपने वीजन और जुनून से मुंबई की बदरंग बस्तियों की रंगत ही बदल डाली  और वहां के बाशिंदों की जिंदगी में भी रंग भरने का काम किया।

रूबल ने मुंबई की झुग्गी-झोपड़ियों को अपने आर्ट से नया रंग दिया है या फिर यूं कहें कि रूबल ने झुग्गियों को अपनी कला के जरिए रंगों के श्रंगार से सजाकर मुंबई को और भी खूबसूरत बना दिया है। अपनी सामाजिक ज़िम्मेदारी समझते हुए उन्होंने मिसाल मुंबई अभियान चलाया, जिसके तहत उनकी टीम ने झुग्गी बस्तियों में करीब 46,000 घरों को खूबसूरत रंगों से रंगने का काम किया और दीवारों पर खूबसूरत तस्वीरें भी उकेंरी। रुबल अब तक महाराष्ट्र के करीब 30 स्लम और गांवों की तस्वीर बदल चुकी हैं। रूबल नेगी के प्रयासों से मुंबई के धोबी घाट,अंबेडकर नगर, कमाठीपुरा और ठाणे की  झुग्गी-बस्तियों के घरों को गुलाबी, नीले-लाल-पीले रंगों में रंगा गया है। बदले रंगरूप से पयर्टकों की सोच भी इन इलाकों को लेकर बदली है, क्योंकि ये स्लम एरिया अब गंदे नहीं रह गए।रूबल की मुहिम ने ना केवल मुंबई के रंगरूप को बदला बल्कि उन टूरिस्टों में भी इन इलाकों को लेकर दिलचस्पी जागी,जो पहले यहां आने से घबराते थे। रूबल का कहना है कि, ‘घरों को रंगना, जिंदगियों से अंधेरा दूर करना और चमक बिखेरना हमारी प्राथमिकताएं हैं लेकिन सबसे पहले हमारा मकसद झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर को सुधारकर बेहतर बनाना है।

हिंदुस्तान को एजुकेट करने की मुहिम भी जारी

रूबल अपनी संस्था रूबल नेगी आर्ट फाउंडेशन कला के जरिए शहर को सुंदर बना लोगों लोगों को जागरुक तो कर ही रही हैं साथ ही गरीब बच्चों का सहारा बन उनकी अंधेरी  जिंदगी में शिक्षा की अलख जगा रही हैं। रूबल  62 बालवाड़ी भी चलाती हैं ताकि बच्चों को बुनियादी शिक्षा दी जा सके। उनकी संस्था पूरे देश में बच्चों के लिए आर्ट वर्कशॉप का आयोजन करती है। रूबल चाहती है कि देश का हर नागरिक शिक्षित हो। 

बॉलीवुड अभिनेत्री ऐश्वर्य राय बच्चन ने भी मुंबई को खूबसूरत बनाने के लिए’ रूबल नेगी की  सराहना की और इसके लिए उनका आभार जताया। रुबल ने अपने हुनर से हजारों लोगों की ज़िंदगी संवारी और उनके चेहरे पर मुस्कान लाई है। इस काम के लिए उन्हें कई अवॉर्ड भी मिल चुके हैं। यकीनन रूबल ने न सिर्फ मुंबई बल्कि पूरे मुल्क में कभी न मिटने वाले रंगों से अपनी एक अमिट छाप छोड़ी है। उनकी कला और हुनर आज भी हिमालय सा बुलंद है।

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