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मिलिए हंसाने के हुनर से हिंदुस्तान को तंदुरुस्त बनाने निकले डॉ हरीश रावत से

mayankshukla 3 years ago
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कहते हैं हंसी हर मर्ज का इलाज है। मेडिकल साइंस भी मुस्कुराहट को कई मर्ज की मेडिसीन मान चुका है। आपकी सिर्फ एक मुस्कुराहट कई गमों को काफूर कर देती है लेकिन आज के डिजिटल दौर में हाईटेक हो चली जिंदगी में लोग हंसना ही भूलते जा रहे हैं और तनाव उनके दिमाग में घर कर रहा है। धीरे-धीरे बढ़ता तनाव बीमारी में तब्दील होकर पूरी जिंदगी को तहस-नहस कर देता है। इसी का नतीजा है कि हिंंदुस्तान में आज 89% लोग तनाव का शिकार हैं। मगर इस बात का सुकून भी है कि डॉ हरीश रावत जैसी शख्सियत आज भी इस देश में मौजूद हैं, जो हंसी और योग की जुगलबंदी से हिंदुस्तान को तनाव मुक्त बनाने में जी जान से जुटे हुए हैं।

हंसी और योग की जुगलबंदी से तनाव को दूर कर हिंदुस्तान को तंदुरुस्त बना रहे डॉ हरीश रावत

अच्छे समय में हर कोई हंस सकता है, लेकिन आज की मॉर्डन लाइफ स्टाइल में कई चुनौतियों से घिरा इंसान क्या हंस सकता है? क्या वो सारे तनाव भूलकर अपने चेहरे पर कुछ पल के लिए मुस्कान ला सकता है? इन्हीं तमाम सवालों की खोज खत्म होती है गाजियाबाद के कौशांबी में रहने वाले डॉ हरीश रावत से मुलाकात के बाद। डॉ हरीश लोगों को लॉफ्टर योगा की क्लास देते हैं। जिंदगी को खुश और सेहतमंद रहना सिखाते हैं। उनका मानना है कि हम सब हंसना और हंसाना भूल चुके हैं जबकि हंसी के जरिए उल्लास फैलाने से ही वतन और विश्व में शांति को उजागृत किया जा सकता है।

डॉ हरीश रावत ने एक अनोखा कीर्तिमान हासिल किया है। उन्होंने लांगेस्ट लॉफ्टर योगा मैराथन में 36 घंटे 3 मिनट तक लगातार हंसने का रिकॉर्ड बनाया है।

डॉ हरीश रावत ने लांगेस्ट लॉफ्टर योग मैराथन में 30 जून सुबह 9.35 मिनट से 1 जुलाई शाम 9.37 तक यानि 36 घंटे लगातार बिना रुके हंसने का अद्वितीय कारनामा कर वर्ल्ड रिकार्ड बनाया है। इससे पहले ये रिकार्ड दो इटालियन भाइयों के नाम था, जिन्होंने 24 घंटे 13 मिनट तक लगातार हंसने का रिकार्ड कायम किया था।  यह मुकाम उन्हें उनकी सोच ने दिलाया। उनका मानना है कि नकारात्मकता को केवल हंस कर ही दूर किया जा सकता है।  डॉ हरीश रावत एक प्रमाणित लॉफ्टर योगा कोच हैं और उन्होंने यह रिकॉर्ड अपने 6 सदस्यों की टीम के सहयोग से किया। इसके लिए उन्हें गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की तरफ से उन्हें सर्टिफिकेट भी दिया गया है।

हास्य योगा में शरीर के आंतरिक हास्य को बाहर निकालना सिखाया जाता है, जिससे शरीर सेहतमंद होता है। शुरुआत में नकली हंसी के साथ शुरू होने वाली यह क्रिया धीरे-धीरे हमारे व्यक्तित्व का हिस्सा बन जाती है और हम बिना किसी कोशिश के हंसने लगते हैं।

डॉ हरीश का कहना है कि चाहे आपका निजी जीवन हो, व्यवसायिक जीवन या फिर सामाजिक जीवन, आप जो कुछ भी करते हैं इसमें आपका मूड सबसे अहम भूमिका निभाता है। अगर आपका मूड अच्छा है तो आप बेहतर तरीके से काम कर सकते हैं। लाफ्टर योगा आपकी मष्तिस्क कोशिकाओ में एंडोरफिन नामक रसायन उत्पन्न करके कुछ ही मिनटों में आपके मूड को बेहतर कर देता है। इसे करने से आप दिनभर खुश और अच्छे मूड में रहते हैं और वास्तविक हंसी हंस पाते हैं । खिलखिलाकर हंसने से रक्त प्रवाह भी बढ़ता है।डॉ हरीश का मानना है कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग हंसना भूल गए हैं। दो मिनट से ज्यादा आजकल किसी के चेहरे पर मुस्कान आ जाए, तो बहुत बड़ी बात होती है। वैसे भी आज इंसान की हालत मशीन जैसी हो गई है, जो हर दिन अपनी हसरतों के पीछे भागता है और हर रात अपनी कोशिशों के नाकाम होने का मलाल करता है। ऐसे में अगर उसे तनाव हो जाए तो डॉ हरीश जैसे लोग ही उपाय के रूप में सामने उभरकर आते हैं।

वाकई आज जरूरत डॉ हरीश रावत जैसे लोगों की सोच को समझने और उनके साथ चलने की है क्योंकि चारों तरफ हम जिन नकारात्मकताओं से घिरे हैं, ऐसी सोच ही हमें तनाव और नकारात्मक के उस अंधेरे से बाहर निकलने में मदद करेगी और एक खुशहाल समाज का निर्माण करेगी। डॉ हरीश रावत को पॉजिटिव इंडिया का सलाम है, जो वो निस्वार्थ भाव से हिंदुस्तान को हंसना सिखाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर रहे हैं। 

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