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अपने जज्बे से जमाने को जीना सिखाता MP का ‘पा’

mayankshukla 4 years ago
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अभी तक सिर्फ सुना था ‘जिंदगी तो बस जिंदादिली से जीने का नाम है’, लेकिन कलर्स टीवी पर आने वाले टीवी शो india’s got talent के मंच पर पहुंचे जबलपुर के श्रेयस बारमाटे ने इस बात पर यकीन करने के लिए भी मजबूर कर दिया। प्रोजेरिया जैसी खतरनाक बीमारी से पीड़ित होने के बावजूद बारह साल के श्रेयस ने आज अपने हुनर के दम पर लोगों को अपना दीवाना बना दिया है।

“मैं मम्मी-पापा और डॉक्टर से कभी नहीं पूछता हूं कि कब ठीक होउंगा,मैं जैसा हूं वैसा ही खुश हूं”…।ndia’s got talent के प्लेटफार्म पर गाना शुरू करने से पहले श्रेयस के मुंह से निकले ये वो शब्द हैं, जो ना जाने आज कितने लोगों की जिंदगी बदल सकते हैं। 

कहते हैं हौंसला हो तो जिंदगी की तमाम मुश्किलों से पार पाया जा सकता है। इसे सच साबित कर दिखाया है जबलपुर के श्रेयस बारमाटे ने, जो प्रोजेरिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित जरूर है मगर अपनी गायकी की प्रतिभा से उसने जिंदगी में आने वाली हर मुश्किल पर जीत हासिल की है। हाल ही में उसने टेलीवीजन शो इंडियाज गॉट टैलेंट में अपना हुनर दिखाया। उसके गाने ‘कभी अलविदा ना कहना’ पर दर्शक झूम उठे तो जज की भूमिका निभा रहे करण जौहर, मलाइका अरोड़ा और किरण खेर भी उसका फैन बनने से खुद को रोक नहीं पाए।

श्रेयस की आवाज जितनी सुरीली है, शायद उसका जीवन उतना आसान नहीं है। वो तीन महीने की कच्ची उम्र से ही प्रोजेरिया नाम की गंभीर बीमारी से पीड़ित है। जिसमें इंसान के शरीर का विकास रूक जाता है। पिता अरविंद बारमाटे और मां मनीषा ने बेटे का खूब इलाज कराया लेकिन पता चला कि, ये लाइलाज बीमारी है तो बजाए इसका दोष नियती को देने के उन्होंने श्रेयस की प्रतिभा को निखारना शुरू किया। प्रोजेरिया बीमारी होती भी 80 लाख लोगों में से किसी एक को है। इसलिए पिता अरविंद अपने बेटे को लाखों में एक मानते है।

प्रोजेरिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित 12 साल के श्रेयश का कद भले ही महज ढाई फीट है लेकिन उसके हौसले के कद ने आज लाखों लोगों को अपना कद्रदान बना दिया है।


श्रेयस है तो बारह साल का लेकिन उसकी कद काठी तीन साल के बच्चे की तरह है। बीमारी ने श्रेयस का शारीरिक विकास रोक दिया है। मगर उसके हौसलों को नहीं, श्रेयस ने इतनी छोटी उम्र में ही अपना म्युजिक एलबम भी बनाया है। जिसे काफी सराहा जा रहा है और इसका श्रेय श्रेयस अपने पिता को देता है। इतना ही नहीं श्रेयस सबसे बड़ा कलाकार जैसे कई सिंगिंग कॉम्पीटिशन्स में हिस्सा ले चुका है और अपनी आवाज का लोहा भी मनवा चुका है। टीवी शो सबसे बड़ा कलाकार में गाना गाता श्रेयश

7वीं क्लास में पढ़ने वाले श्रेयस राजा मानसिंह संगीत महाविद्यालय से संगीत की विधा भी सीख रहे हैं। तीन साल की नन्ही उम्र से संगीत को अपने जीवन का सहारा बनाने वाले श्रेयस संगीत वादन में भी माहिर हैं। सुरीली आवाज में गाने के साथ-साथ वो PIANO और तबला भी शानदार बजाते हैं। इसके इलावा श्रेयस को डांस का भी शौक है।

एक दिन के लिए बन चुके हैं बाल आयोग के अध्यक्ष

जिंदगी में आने वाली तमाम चुनौतियों के बावजूद संगीत में महारत हासिल करने वाले श्रेयस के अद्भुत जज्बे और टैलेंट को देखकर मध्यप्रदेश सरकार भी विशेष सम्मान कर चुकी है। 24 मार्च 2017 को मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने श्रेयस को एक दिन के लिए बाल आयोग का अध्यक्ष भी बनाया था। इतना ही नहीं श्रेयस से मिलने पहुंचे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उसके मुरीद हो गए थे।

वाकई श्रेयस उन बच्चों के लिए एक जीती जागती मिसाल है जो जिंदगी में आने वाली परेशानियों, शारीरिक कमजोरियों या फिर परीक्षा में मिलने वाली असफलताओं से अवसाद में आकर अक्सर गलत कदम उठा लेते है। सिर्फ श्रेयस ही नहीं बल्कि उसके पैरेंट्स भी उसके इस हौसले के लिए बराबर के हकदार हैं क्योंकि ये पूरा परिवार मिलकर बताता है…आखिर जीने का नाम ही तो जिंदगी है।

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