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भारत के ‘फकीर’ नेताओं को क्रोशिया की राष्ट्रपति से सीखने की जरूरत है !

mayankshukla 2 years ago
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भारत में वैसे तो राजनीति को पेशे से दूर, समाजसेवा से जोड़कर देखा जाता है लेकिन हकीकत में हिंदुस्तान में राजनीति ही एक ऐसा पेशा है जिसमें रहकर जिंदगी के तमाम सुख भोगे जाते हैं और सेवक का तमगा भी ताउम्र लगा रहता है। भारत में ऊपर से लेकर नीचे तक ऐसे नेताओं की भरमार है जो खुद को गरीब और गरीब के करीब बताकर जनता के टैक्स के पैसे पर ऐश कर रहे हैं।

अपने घर की दीवारों पर रंगरोगन कर रहीं ये कोई आम महिला नहीं बल्कि दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाओं में शुमार क्रोशिया की राष्ट्रपति कोलिंदा ग्रैबर हैं, जो जनता के पैसों पर मजे मारने की बजाए अपना काम खुद करना बेहतर समझती हैं। इन दिनों कोलिंदा की ये तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है जिसमें वो किसी कर्मचारी या मजदूर से काम करने की बजाए खुद पूरे घर की सफाई और वॉल पेंट करती नजर आ रही हैं। वाकई आज चीख-चीख कर खुद को गरीब और फकीर बताने वाले भारत के नेताओं को क्रोशिया की इस राष्ट्रपति से सीखने की जरूरत है कि किस कदर बड़े ओहदे पर होते हुए भी सामान्य जिंदगी जी जा सकती है और जनता के टैक्स के पैसे बर्बाद होने से बचाए जा सकते हैं।कोलिंदा ग्रैबर कित्रोविक क्रोशिया की पहली महिला राष्ट्रपति हैं जो अपनी खूबसूरती की वजह से पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। कोलिंदा 19 फरवरी 2015 को क्रोशिया की प्रेसीडेंट निर्वाचित हुई थीं। राष्ट्रपति बनने से पहले कोलिंदा नाटो में सहायक सचिव के पद पर काम कर चुकी हैं। नाटो में इस पद पर काम करने वाली वो पहली महिला भी रह चुकी हैं।

राजनीति के लिए कम खूबसूरती के लिए ज्यादा जानी जाती हैं कोलिंदा ग्रैबर


50 साल से ज्यादा  उम्र की हो चली कोलिंदा दुनिया के बाकी राजनेताओं से बिल्कुल अलग हैं। उन्होंने साल 1996 में जैकब कित्रोविक से शादी की। कोलिंदा दो बच्चों की माँ भी हैं। उनकी बेटी कैटरीना 14 साल की है और बेटा ल्यूका 12 साल का है। कोलिंदा एक मां के तौर पर और देश की मुखिया के तौर पर अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं। 

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