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इंदौर में मिला इंसानियत का सबूत

mayankshukla 4 years ago
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आज के हाईटेक जमाने में अगर महंगाई से भी महंगी कोई चीज है तो वो है ‘इंसानियत’,जो ईद के चांद की तरह कभी-कभार ही देखने को मिलती है। लेकिन इन दिनों रंगीन सपनों के शहर कहे जाने वाले इंदौर में दो वर्दीवालों की इंसानियत की खूब चर्चा है।  


ये अनिला पराशर हैं। इंदौर के महू थाने में बतौर एसआई पदस्थ हैं। गुरुवार को इंदौर-महू रोड पर डिसेंट कॉलोनी के पास कचरे के ढेर में दो दिन की नवजात बच्ची के मिलने की सूचना पर फौरन ही आरक्षक सुभाष के साथ मौके पर पहुंचती हैं और बच्ची को गोद में उठाती हैं। बच्ची की हालत काफी गंभीर थी और वह भूखी भी थी। एसआई अनिला पास में खड़ी महिलाओं से मदद की गुहार लगाती हैं, बच्ची को दूध पिलाने का अनुरोध करती हैं लेकिन उन तमाशबीन महिलाओं में से कोई बच्ची को हाथ लगाने तक को तैयार नहीं होता। लिहाजा अनिला जो खुद एक साल के बच्चे की मां हैं,उस नवजात को स्तनपान कराती हैं और फिर बाद में सारी कानूनी औपचारिकता पूरी करती हैं।

एसआई अनिला पराशर बेहद सावधानी के साथ मासूम को न सिर्फ अस्पताल तक पहुंचाती हैं बल्कि जब बच्ची को अस्पताल से इंदौर के चाइल्ड लाइन द्वारा संचालित छाया केंद्र पर लाया जाता है तब भी अनिला उसकी मां की भूमिका निभाती हैं। 

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे दिलचस्प बात ये है कि जिस कॉलोनी के पास बच्ची पड़ी मिली, उस कॉलोनी का नाम डिसेंट कॉलोनी है। किसी का नाम डिसेंट,इनोसेंट ,लिबरल रख लेने मात्र से आप वैसे नहीं हो जाते। उसके लिए आपको अनिला होना पड़ेगा। खाकी का मान बढ़ाने वाली इस महिला एसआई को पॉजिटिव इंडिया सलाम करता है।

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