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मिलिए लकड़ी की टाई बनाकर फैशन को नया ट्रेंड देने वाले ‘रायपुरियंस’ से

mayankshukla 4 years ago
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कहते हैं जो बेचैन है, वही जीवित है और जो जीवित है वो कुछ न कुछ तो करेगा। यह कुछ न कुछ ही एक दिन बड़ा रूप ले लेता है। किसी स्टार्टअप के लिए यही सबसे बड़ी पूंजी है। अगर सफल बनना है और अपने आइडिया को सफल बनाना है, तो निरंतर नया सोचना होगा। हमारी आज की ये स्टोरी भी छोटे शहर में रहने वाले ऐसे ही दो सामान्य युवकों की है जिन्होंने चलन से हटकर कुछ अलग करने का सोचा और सब कुछ छोड़कर पूरी शिद्दत से जुट गए खुद के संजोए सपनों को सच करने में। आखिरकार मेहनत रंग लाई और आज उनका इनोवेशन देश-दुनिया में धमाल मचा रहा है।

एक ऐसी टाई जिसे न धोने की झंझट, न सुखाने की और ना ही दाग लगने का डर। यह है लकड़ी की टाई। लोगों को पहली बार तो यकीन नहीं हुआ कि टाई लकड़ी की भी हो सकती है। लेकिन अब देश ही नहीं बल्कि विदेश तक इसकी प्रशंसा हो रही है और आर्डर भी मिलने शुरू हो गए हैं।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के फैशन क्रेजी युवा अनुराग जैन और हर्षित राठौर ने पारंपरिक सोच से हटकर लाइटवेट वुडन की बो और हाई नेक टाई बनाकर कमाल कर दिया है। उनके इस कमाल के इनोवेशन को अमेरिका के मिशीगन और दुबई कॉरपोरेट सेंटर में भी प्रदर्शित किया गया। जहां लोगों ने इसकी काफी सराहना की। अहमदाबाद में होने वाली नेशनल वुडन एक्जीबिशन के लिए भी इन दोनों युवाओं को आमंत्रित किया गया है।

हर्षित राठौर बताते हैं कि इस काम के महत्वपूर्ण भाग को अंजाम देने वाली कटिंग मशीन की लागत लगभग 35 लाख रुपए है। डिजाइन सेट करने के बाद कटिंग कर उसे फिनिशिंग दी जाती है। इसमें लगभग छह दिन का समय लगता है। बो तैयार करने में 250 रुपए जबकि हाईनेक टाई बनाने में करीब 2300 रुपए खर्च होते हैं। 

हमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में सराहना के साथ आर्डर भी मिल रहे हैं। दुनिया में जहां भी लोग इस कलाकारी को अपने गले से लगाएंगे, भारत का नाम जरूर लेंगे: अनुराग जैन

वाकई है ना कमाल का आईडिया,जिसे इन दो लड़कों ने ढूंढ़ निकाला.शायद असल मायने में जिंदगी की सफलता यही है.जो साबित करती है कि कुछ बड़ा करने और अलग करने के लिए अथाह पूंजी और संसाधनों की आवश्यकता नहीं होती, जरूरत होती है तो सिर्फ एक नई सोच की,कुछ कर दिखाने के जुनून की।

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