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गर्मी जाओगे भूल, अब बाइकर्स का सिर भी रहेगा ठंडा-ठंडा COOL-COOL

mayankshukla 4 years ago
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लोग भले ही कानून के डंडे के डर से हेलमेट सिर पर लगा लेते हों लेकिन गर्मियों में हेलमेट पहनना किसी सजा से कम नहीं होता है.लेकिन अब हेलमेट पहनने वालों के लिए एक खुशखबरी है. हैदराबाद के तीन इनोवेटिव इंजीनियर्स ने एसी वाला हेलमेट इजाद किया है.जो आपकी सुरक्षा के साथ-साथ आपको AC की ठंडी हवा का मजा भी देगा.

हैदराबाद के मैकेनिकल इंजीनियर्स ने बनाया गर्मी से निजात दिलाने वाला हेलमेट

बाइक से सफर तय करने वाले जानते होंगे कि गर्मी के मौसम में हेलमेट लगाना कितना मुश्किल काम है.लेकिन सुरक्षा कारणों से हेलमेट पहनना भी बेहद जरूरी है.इसके अलावा इंडस्ट्रियल एरिया में काम करने वालों को भी हेलमेट पहनना पड़ता है. गर्मी में लगातार कई घंटे हेलमेट पहनने पर स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है. इस समस्या का समाधान करने के लिए हैदराबाद के तीन युवा मैकेनिकल इंजीनियरों ने एक नया इजाद किया है. विग्ना ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में पढ़ाई करने वाले कौस्तुभ कौंडिन्य, श्रीकांत कोमुला और आनंद कुमार ने गर्मी की मार से बचने के लिए एसी वाला हेलमेट डिजाइन किया है.

एयर कंडीशन से लैस हेलमेट बनाने के आइडिया के बारे में बात करते हुए कौस्तुभ कहते हैं, हम अपने कॉलेज में कई सारे प्रॉजेक्ट पर काम कर रहे थे, इंजीनियरिंग स्टूडेंट होने के की वजह से हम यह भी सोच रहे थे कि कुछ ऐसी चीज बनाई जाए जिससे आम आदमी को फायदा हो। मुझे कॉलेज आने के लिए अपने घर से रोजाना 30 किलोमीटर का लंबा सफर बाइक से तय करना पड़ता था। इसी दौरान उन्हें यह महसूस हुआ कि गर्मी में पसीने के कारण हेलमेट पहनना काफी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने इंडस्ट्रियल फील्ड में काम करने वाले लोगों के बारे में भी सोचा जो लगातार हेलमेट पहनकर काम करते हैं।

कौस्तुभ को जब पता चला कि गर्मी में हेलमेट पहनने से पसीने के कारण कई तरह की बीमारियां भी फैल सकती हैं. लिहाजा उन्होंने ट्रैफिक पुलिस के रूप में काम करने वाले लोगों के लिए भी हेलमेट बनाने के बारे में सोचा. हालांकि यह काफी चुनौती भरा काम था.

अब HINDUSTAN पहनेगा AC वाला HELMET

इस हेलमेट में लगा कूलिंग सिस्टम थर्मोइलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजी पर काम करता है इसलिए यह बाकी आम हेलमेटों से 250 ग्राम हल्का है.यह काफी छोटा और हल्का है इसलिए इसे पहनने में भी किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी. इन तीनों मकैनिकल इंजीनियरों ने अपने हेलमेट बनाकर बेचने भी शुरू कर दिए हैं. अभी हैदराबाद की सुवर्ण सीमेंट, कोयंबटूर में जेएम ऑटोमोटिव और नोएडा में डीएस ग्रुप को ये हेलमेट सप्लाई किए जा चुके हैं. कौस्तुभ ने बताया, एक हेलमेट की कीमत लगभग 7,500 रुपये आती है. अभी हमने इस काम के लिए एक वर्कर को भी रखा है. हम अब तक 50 हेलमेट बेच चुके हैं. हमें काफी बड़ी मात्रा में हेलमेट बनाने के ऑर्डर मिल रहे हैं.

अच्छी बात यह है कि टीम के द्वारा बनाए गए इंडस्ट्रियल हेलमेट को इंडियन नेवी अपने डॉकयार्ड वकर्स के लिए और टाटा मोटर्स ने अपने लखनऊ प्लांट के लिए खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है.वहीं इस स्टार्टअप को तेलंगाना सरकार ने भी मंजूरी दे दी है और साथ ही इन छात्रों के स्टार्ट-अप को सपॉर्ट भी कर रही है.

 

इन तीन युवाओं के प्रॉजेक्ट में श्रीकांत टेक्निकल और डिजाइनिंग का काम देखते हैं वहीं कौस्तुभ मार्केटिंग और इन्वेस्टमेंट का जिम्मा संभालते हैं. वहीं तीसरे सदस्य आनंद प्रॉडक्शन और मटीरियल को मैनेज करते हैं. कॉलेज में ही एक प्रॉजेक्ट के दौरान तीनों दोस्त बने थे, जो अब इस छोटी सी कंपनी को आगे बढ़ा रहे हैं.

खासियत

खास बात ये है कि ये हेलमेट रिचारजेबल बैटरी से लैस होता है और बैटरी की चार्जिंग के मुताबिक दो से आठ घंटे तक इस हेलमेट का एसी काम करता है. ये हेलमेट न सिर्फ पहनने में बेहद आरामदायक है बल्कि इसे मोबाइल की तरह चार्ज किया जा सकता है.

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