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बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार की फिल्म ‘पैडमैन’ का सभी को बेसब्री से इंतजार है.तो आइए हम आपको रील लाइफ के पैडमैन से रूबरू होने से पहले रियल लाइफ के उस पैडमैन से मिलाते हैं,जिनकी जिंदगी पर ये फिल्म आधारित है. रियल लाइफ के इस नायक यानि पैडमैन का नाम है अरुणाचलम मुरुगनाथम.जिनकी जिंदगी पर अक्षय कुमार की पत्नी ट्विंकल खन्ना ने ‘द लीजेंड ऑफ लक्ष्मी प्रसाद’ नाम से किताब भी लिखी है.और अब अपने प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले वो फिल्म भी लेकर आ रही हैं.

अक्षय की REEL LIFE से पहले जानते हैं अरुणाचलम मुरुगनाथम की REAL LIFE की कहानी

अभिनेत्री से लेखिका बनी अक्षय कुमार की पत्नी ट्विंकल खन्ना अब फिल्म प्रोडक्शन के क्षेत्र में पूरी तरह सक्रिय हो चुकी हैं. इस प्रॉडक्शन हाउस की पहली फिल्म है पैडमैन’, जिसकी स्टोरी ट्विंकल खन्ना की किताब ‘द लीजेंड ऑफ लक्ष्मी प्रसाद’ से ली गई है.यह किताब तमिलनाडु के सामाजिक कार्यकर्ता अरुणाचलम मुरुगनाथम की जीवनी पर आधारित है.गौरतलब है कि अरुणाचलम मुरुगनाथम ने सैनिटरी नैपकिन बनाने वाली सस्ती मशीन बनाकर बेहद सस्ते पैड का अविष्कार किया है.

उनके जिंदगीनामे पर ही फिल्म ‘पैडमैन पूरी तरह फोकस है. फिल्म में सदी के नायक अमिताभ बच्चन बता रहे हैं कि अमेरिका के पास सुपरमैन है, बैटमैन है, स्पाइडरमैन है लेकिन इंडिया के पास पैडमैन है.इस कॉमेडी-ड्रामा फिल्म में अक्षय के साथ अभिषेक बच्चन, सोनम कपूर, राधिका आप्टे, सुधीर पांडे जैसे कलाकार भी मुख्य भूमिका में नजर आएंगे.फिल्म में अमिताभ बच्चन भी कैमियो रोल में नजर आएंगे.फिल्म के डायरेक्टर ‘चीनी कम’, ‘पा’, ‘शमिताभ’, जैसी फिल्में बना चुके आर बाल्कि हैं.

अरुणाचलम मुरुगनाथम की उम्र समय लगभग 56 वर्ष है.उनका जन्म अरुणाचलम कोयंबटूर (तमिलनाडु) के एक बेहद गरीब परिवार में 1962 में हुआ था. अरुणाचलम मुरुगनाथम बहुत छोटे थे तो उनके पिता का देहांत हो गया.मां ए. वनिता ने मेहनत मजदूरी करके उन्हे पाला-पोसा.चौदह साल की उम्र में उनको स्कूल से निकाल दिया गया तो गुजर बसर करने के लिए जहां-तहां नौकरियां करने लगे. सन 1998 में उनकी शादी शांति से हुई. मुरुगनाथम बताते हैं कि ‘शादी के बाद सभी आदमियों की तरह मैं भी अपनी पत्नी को इम्प्रेस करने में लगा हुआ था.एक दिन मैंने देखा कि मेरी पत्नी अपने पीछे कुछ छिपाए हुए है. मेरे पूछने पर उसने जवाब दिया कि तुम्हारे काम की चीज नहीं है.

दरअसल, वह पीरियड्स के लिए इस्तेमाल करने वाला कपड़ा छिपा रही थी. मैंने अपनी पत्नी से पूछा कि तुम कपड़ा क्यों इस्तेमाल करती हो तो उसका जवाब था कि पैसे बचाने के लिए.फिर क्या, अपनी पत्नी को इम्प्रेस करने के लिए मैंने उसे सेनेटरी नैपकिन गिफ्ट किया.मैंने 20-30 की उम्र में पहली बार नैपकिन को छुआ था. उन्हीं दिनो मुझे आश्चर्य हुआ कि इसके लिए कंपनी इतना पैसा वसूलती है. फिर मैंने सोचा कि मैं अपनी पत्नी के लिए सस्ते में नैपकिन बनाऊंगा. इसके टेस्ट के लिए मैंने खून की एक पाइप लगाई और एक बॉल कमर पर बांध लिया.जब मैं चलता या साइकिल चलाता तो खून रिस कर नैपकिन में गिरता. इसके बाद औरतों के प्रति मेरा सम्मान बढ़ गया.सेनेटरी नैपकिन के निर्माण के लिए मैंने सस्ते में मशीन बनाई और ग्रामीण इलाको में उसे पहुंचाने का काम किया.’

उसके बाद तो यह आइडिया इतना हिट कर गया कि वह गांव-गांव जाकर महिलाओं को पैड के इस्तेमाल के प्रति जागरूक करने लगे.उनकी इसी संघर्षपूर्ण कहानी को फिल्मी पर्दे पर अभिनेता अक्षय कुमार प्रस्तुत करने जा रहे हैं. अरुणाचलम मुरुगनाथम को इसके लिए भारत सरकार पद्मश्री से सम्मानित कर चुकी है.उनको ‘टाइम’ मैग्जीन विश्व के 100 प्रभावशाली लोगों की सूची में भी शामिल कर चुकी है.उन्हें ज्वैल्स ऑफ कोयंबटूर अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है. उनकी इस कामयाबी और प्रेरक जिंदगी पर कई डोक्यूमेंट्री भी बन चुकी हैं.

अरुणाचलम मुरुगनाथम को सेनेटरी नैपकिन की यह मशीन बनाने में लगभग दो साल लग गए. कई बार निराशा हाथ लगी, लेकिन हिम्मत नहीं हारी, और आखिरकार एक दिन उन्होंने कम लागत में सैनिटरी पैड बनाने की मशीन तैयार कर दी. अरुणाचलम ने मशीन का सुझाव 2006 में आईआईटी मद्रास के सामने रखा, जो सभी को काफी पसंद आया. फिर उनका नाम नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन ग्रासरूट टेक्नोलॉजीकल इनोवेशन अवार्ड के लिए भेजा गया. अरुणाचलम यह अवार्ड जीतने में कामयाब रहे और फिर उन्होंने जयाश्री इंडस्ट्रीज की स्थापित की. इस इंडस्ट्री में 1300 से ज्यादा मशीनें बनाई, जो इस समय 27 राज्यों के अलावा सात देशों में स्थापित की गई हैं.इस समय लगभग साढ़े चार हजार गांवों में उनके प्रॉडक्शन हाउस से तैयार सेनेटरी पैड महिलाएं इस्तेमाल कर रही हैं. कई कंपनियों ने अरुणाचलम के इस आविष्कार को खरीदने का ऑफर दिया, लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया. आज अरुणाचलम इस मुद्दे पर कार्यक्रम भी सम्बोधित किया करते हैं.

फिल्म ‘पैडमैन’ अरुणाचलम मुरुगनाथम की बायोपिक है. अब तो मुरुगनाथम ‘पैडमैन’ के नाम से तमिलनाडु के घर-घर में फेमस हो चुके हैं. इस फिल्म का आइडिया उस समय ट्विंकल खन्ना को आया, मुरुगनाथम को उनके काम के लिए 2016 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया.

 

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