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मिलिए भोपाल की little बबली,more ब्रेव और बेहद successfull ‘वुमनिया’ से

mayankshukla 4 years ago
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 शायद जद्दोजहद भरे रास्तों पर तमाम चुनौतियों से लड़ते हुए,बाधाओं को भेदते हुए,नाउम्मीदी के अंधियारे को चीरते हुए दिमाग की तंग गलियों से बाहर निकलकर,हकीकत की मुश्किल भरी दुनिया में आगे बढ़ने का नाम ही जिंदगी है.किसी जोखिम के डर से ज्यादातर लोग इस रास्ते पर चलने का साहस नहीं जुटा पाते और जीते रहते हैं वही घिसी-पिटी उधार सी जिंदगी. लेकिन कुछ ऐसे भी लोग हैं जो अपनी नई सोच,अदम्य साहस और कुछ अलग करने की भूख लिए इस दुनिया को ही जिंदगी के नए मायने सिखा जाते हैं.ये होते तो हम और आप जैसे ही आम इंसान हैं मगर जरूरत, वक्त की मार और मुश्किल हालात इन्हें कुछ नया करने पर मजबूर कर देती है.आज मैं एक ऐसी ही आम लड़की की खास स्टोरी शेयर करने जा रहा हूं जो यकीनन बुरे वक्त में हमें आगे बढ़ने का हौंसला दे सकती है.

Businesskeeda.com और Collegekhabri.com की फाउंडर अर्शी खान की कहानी 

भोपाल में रहने वाली 20 साल की अर्शी खान अभी आसमां में उड़ने के सपने संजो ही रही थीं कि उन्हें एक ऐसा झटका लगा कि पल भर में उनके सारे सपने टूटकर बिखर गए.अर्शी के लिए यकीन करना भी मुश्किल था कि उसके सपनों को पंख और आसमां में उड़ने की आजादी देने वाले पिता ही अब इस दुनिया में नहीं रहे.अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़कर बीते एक साल से अर्शी अपनी बहन के साथ पिता की देखभाल में जुटी हुई थीं.लेकिन खुदा ने इस बार उनकी दुआ कबूल नहीं की.पिता के साथ ही मानो अर्शी के सारे सपने भी धीरे-धीरे उनसे दूर होने लगे.अर्शी को बाइक राइडिंग और हाई-फाई लाइफ स्टाइल जीने का शौक था.मगर अचानक सब अधूरा.पापा का अच्छा बिजनेस था जो चाचा ने संभाल लिया.अभी तक लग्जरी लाइफ जीने वाली अर्शी के लिए सौ रुपए जुटाना भी मुश्किल हो गया.उपर से अर्शी को अपने सपने भी पूरे करने थे साथ ही मां,बड़ी बहन और एक छोटे भाई की जिंदगी भी संवारनी थी.अर्शी के सामने मुसीबतें कई थीं और समाधान सिर्फ एक ‘कुछ भी कर के पैसा कमाना और अपनी जिम्मेदारी निभाना’

उस वक्त को याद करते हुए आज भी अर्शी की आंखें भर आती हैं और स्ट्रगल के वो दिन आंखों के सामने तैरने लगते हैं.मैने अर्शी से पहले भी pozitive india के लिए कई अलग-अलग लोगों से मुलाकात की,स्टोरी सुनी और उनकी सफलता को महसूस भी किया,लेकिन अर्शी के आंखों में आंसू होने के बावजूद चेहरे पर कुछ अलग,कुछ नया,सबसे हटकर,अकेले अपने दम पर कर दिखाने का जो जज्बा और जुनून दिखा,उसने मुझे मजबूर कर दिया पत्रकारिता के पुराने फार्मेट से हटकर इस स्टोरी को एक नए अंदाज में लिखने और आपके सामने लाने के लिए.

लिहाजा अर्शी ने फैमिली सपोर्ट के लिए भोपाल में ही रहकर दोस्त अविनाश के साथ अपना खुद का बिजनेस करने का फैसला लिया.इसके लिए भी उन्हें कई तरह के विरोध का सामना करना पड़ा. परिवार से सपोर्ट तो नहीं मिला बल्कि सामाजिक ताने-बाने की दुहाई देकर लोगों ने उसके जज्बे को कम करने की कोशिश जरूर की.लेकिन अर्शी इस बार अपने इरादों पर अड़ी रहीं.अविनाश और अर्शी ने स्टूडेंट के लिए काउंसलिंग फर्म डालने की तैयारी शुरू की तो सामने कई और दिक्कतें आ गईं, जैसे किराए पर ऑफिस लेने के लिए डिपाजिट मनी, फर्नीचर,मार्केटिंग,वगैरह-वगैरह.इस बीच अर्शी को महसूस हुआ कि उनकी तरह ही कई और स्टार्टअप शुरु करने वालों को भी ऐसी ही दिकक्तों का सामना करना पड़ रहा होगा.यहीं  से अर्शी के मन में एक नए बिजनेस का कीड़ा शुरू हुआ और शुरू हुआ अर्शी की जिंदगी का एक नया सफर.फंड से लेकर तमाम तरीकों की चुनौतियों से पार पाते हुए अर्शी ने किसी तरह सारे जुगाड़ करके www.businesskeeda.com नाम से एक कंपनी बनाई और अपने जैसे नए स्टार्टअप्स को मदद करना शुरू किया.ये एक तरह का स्टार्टअप इन्क्यूबेशन सेंटर है,जहां कई स्टार्टअप्स को एक साथ एक प्लेटफार्म पर लाया गया.एक-दूसरे से नालेज और एक्सपीरियंस शेयर किए गए.इस दौरान अर्शी के इस स्टार्टअप ने लगभग 140 बडिंग स्टार्टअप्स की फ्री में हेल्प की,जिसका नतीजा ये हुआ कि साल 2017 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अर्शी खान के स्टार्टअप को बेस्ट सोशल सपोर्ट एप के सम्मान से नवाजा.

ये तो महज शुरूआत थी…पिक्चर अभी बाकी थीबिजनेस कीड़ा डॉट काम की लोकप्रियता और सफलता ने अर्शी को एक बार फिर फर्श से अर्श पर ला दिया.इसके बाद अर्सी कभी नहीं रुकी और अपने ड्रीम प्रोजेक्ट www.collegekhabri.com पर नए सिरे से काम शुरू किया.इतने सारे कॉलेजों का डेटा बेस तैयार करना थोड़ा मुश्किल काम तो था मगर अब तक जिंदगी के कड़वे अनुभवों ने अर्शी को इन तमाम कठिनाईयों से लड़ना सिखा दिया था.एक साल पहले ही अर्शी ने कॉलेज खबरी डॉट काम को एक स्टार्टअप के तौर पर लॉन्च किया,जो अभी भी रनिंग स्टेज में है और अर्शी को इससे अच्छा रिवेन्यू भी मिल रहा है.

अब अर्शी का सपना कह लीजिए या next mission बोलिए, कॉलेज खबरी डॉट काम को एक सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट के रूप में डेवलप करने का है.इसके लिए उनकी पूरी टीम जी जान से जुटी हुई है.

वक्त निकालकर अब भी हवा से करती हैं बातें

जिंदगी में काफी उतार चढ़ाव देखने के बावजूद अर्शी आज भी खाली समय निकालकर अपने राइडिंग और स्टंट के शौक को पूरा करती हैं.शायद खतरों से लड़ने के इस शौक ने ही अर्शी के अंदर के जुनून को तब से लेकर अब तक जिंदा रखा है और वो जिंदगी में आने वाले हर खतरों/चुनौतियों को भी खतरनाक स्टंट की तरह पार करती जा रही हैं.उम्मीद करता हूं मुश्किल समय में अर्शी के स्ट्रगल और सफलता की ये स्टोरी आपके विश्वास को भी जिंदा रखेगी और आप भी हालातों से हारने की बजाए हौसलों के दम पर दिक्कतों से और खुद की कमजोरी से लड़ना सीखेंगे.

मेरे यानि एक कहानीकार के नजरिए से देखा जाए तो अर्शी खान, अर्श से फर्श और फिर अपनी सोच,संघर्ष और साहस के बूते फर्श से अर्श पर आने वाली एक शख्सियत का नाम है.महज 22 साल की अर्शी खान अपने आप में एक ऐसी कहानी हैं, जिनकी जिंदगी के पन्नों को पलटें तो एक बड़े सपने पालने वाली चार्मिंग लड़की की झलक से लेकर हाईफाई लाइफ स्टाइल जीने वाली, महंगी बाइकों पर खतरनाक स्टंट करने वाली कॉलेज गर्ल और फिर हालातों के आगे बेबस एक महत्वाकांक्षी बेटी से लेकर अपने दम पर सफलता का सफर तय करने वाली एक ब्रेव बिजनेस वुमेन का किरदार नजर आता है.

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1 Comments

  1. Surendra Rajput January 20, 2018

    बहुत बढिया

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