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कबाड़ के जुगाड़ से बच्चों में शिक्षा की अलख जगाने वाले शिक्षक राजेश सोनी की कहानी

बच्चों की गणित और विज्ञान विषय के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए सागर के देवरीकला सरकारी प्राइमरी स्कूल के एक शिक्षक ने अनूठा प्रयोग किया है. शिक्षक राजेश सोनी ने बेकार और कबाड़ की वस्तुओं से ऐसी शिक्षण सामग्री तैयार की है, जिससे बच्चे गणित, विज्ञान और अंग्रेजी की कठिन बातों को भी आसानी से पढ़ औरर समझ रहे हैं. शिक्षक राजेश सोनी का कहना है कि उनके द्वारा तैयार की गई विधि से यदि सभी स्कूलों में पढ़ाई कराई जाए तो इसके परिणाम बेहतर आएंगे.

नवाचार से शिक्षा को बना रहे आसान

शासकीय माध्यमिक शाला देवरी में पदस्थ टीचर राजेश सोनी ने बताया कि प्रदेश में शायद यह पहला नवाचार का प्रयोग है. इसमें अपने घर के आस-पास बेकार पड़ी वस्तुओं जैसे पुट्ठे के कार्टून, ताश के पत्ते, बेकार कार्ड सीट, मोटू-पतलू के कूपन आदि से पढ़ाई का सामान तैयार किया गया है. इसके माध्यम से बच्चे खेल-खेल के दौरान पढ़ना- लिखना आसानी से सीख रहे हैं.

राजेश सोनी के मुताबिक उन्होंने देखा कि सरकारी स्कूलों में बच्चे पढ़ाई में ज्यादा देर तक रुचि नहीं लेते थे. वो स्कूल में बैठने के बाद घर चले जाते थे. लेकिन उन्होंने अपनी शाला में कबाड़ की वस्तुओं से पढ़ाने के लिए हर तरह के आइटम बनाएं और बच्चों को नए तरीके से सिखाने का काम शुरू किया. जब से बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई करना सिखाया तो तब से कक्षा में उनकी उपस्थिति शत प्रतिशत रही है. बच्चे भी पूरे समय खेल-खेल में गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और हिंदी जैसे विषयों को आसानी से सीखने लगे हैं. शायद प्रदेश में यह पहला अनुकरणीय प्रयास है जिसे अपनाकर सभी शिक्षक अपने-अपने अपने स्कूलों में इसका लाभ बच्चों को दिला सकते हैं और बच्चें अपने घर में ऐसे प्रयोग कर सकते हैं.

पुट्ठे के हारमोनियम से बच्चों को गणित के जोड़ने की विधि सिखाई

राजेश सोनी ने विशेष प्रकार का हारमोनियम बनाया है. इसमें 1 से लेकर 9 खाने बनाए गए हैं. इनकी 9 चाबियां हैं.बच्चे खाने में संख्या के हिसाब से कंचे डालते हैं जोर चाबी के माध्यम से खाने के नीचे डिब्बे में निकलते हैं, जो भी चाबी खींची जाती है उतने कंचे डिब्बे में नीचे गिर जाते हैं. जिनको जोड़ने पर कुल संख्या ज्ञात हो जाती है. यह विधि बच्चों में गणित विषय के प्रति रुचि पैदा करती है.इसी तरह एक शर्ट के डिब्बे से रेडियोनामा कैलेंडर का निर्माण किया गया है.इसमें रोल के माध्यम से दिन तारीख और समय पट्टी के जरए प्रदर्शित होते हैं. इसमें कार्ड सीटों का और तारों का उपयोग किया गया है, जिसमें तारों को घुमाने पर तारीख, दिन और महीने बदलते हैं. इसी तरह बच्चों को अंग्रेजी में अप-डाउन सिखाने के लिए एक झूले पर कार्टून बनाकर ऊपर और नीचे जोड़ कर बताया जाता है.इसके अलावा बेकार ताश के पत्तों से एबीसीडी और गिनती सीखी जा सकती है.

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