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मिलिए देश की पहली महिला जादूगर से

mayankshukla 3 years ago
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भगवान ने हर इंसान को किसी न किसी एक खूबी से नवाजा है। मगर कुछ ही लोग ऐसे होते हैं जो अपनी खूबी को तराशने का जुनून पालते हैं और फिर अपने हुनर के जादू से पूरी दुनिया को अपना कायल बना लेते हैं। ऐसा ही एक किरदार है सुहानी शाह का, जिसे दुनिया आज भारत की पहली महिला मैजिशियन के नाम से जानती है।

जी हां ये कहानी है हिंदुस्तान की इकलौती जादूगरनी सुहानी शाह की। सुहानी शाह जो देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपने जादू के शो और काउंसलिंग की टेक्निक के लिए जानी जाती हैं। महज फर्स्ट स्टैंडर्ड तक पढ़ीं सुहानी अंग्रेजी में पांच किताबें भी लिख चुकी हैं। उनके मासूम से फेस ने न सिर्फ जादूगर की इमेज को बदला है बल्कि उनके टैलेंट ने मैजिक की परिभाषा ही बदलकर रख दी है। सुहानी का जन्म राजस्थान के उदयपुर में हुआ और उसके कुछ वक्त बाद ही परिवार को व्यापारिक कारणों से अहमदाबाद में शिफ्ट होना पड़ा। बचपन से ही सुहानी अपने काम को पूरी एकाग्रता के साथ करती रही हैं।इतना ही नहीं सुहानी मैजिशियन बनने से पहले राज्य स्तर की स्विमर भी रह चुकी हैं।पॉजीटिव इंडिया से बात करते हुए सुहानी ने बताया कि “मैं बचपन से ही हर नई चीज को ट्राई करती थी। एक बार मैने टीवी पर एक मैजिक शो देखा और जाकर पापा से कहा कि मुझे भी जादू करना है। उस समय घरवालों को लगा कि मैं छोटी हूं और ऐसे ही बोल रही हूं लेकिन जब मैनें बार-बार यही बात उनसे कही तो उन्हें भी  लगने लगा कि जादूगर बनने को लेकर मैं गंभीर हूं। पापा ने हमेशा मुझे एक बात सिखाई,जो भी करना है बड़ा करो,जादू करना है तो बड़े मैजिक शो करो और स्विमिंग भी करनी है तो चैंपियन बनो,अपना लक्ष्य हमेशा बड़ा रखो।

परिवार का साथ मिला तो सुहानी का आत्मविश्वास भी बढ़ा।सुहानी के माता-पिता ने उनके मैजिशियन बनने में बहुत मदद की। सबसे पहले उन्होंने स्टेज का समान लाकर सेट बनवाया और सुहानी की मदद के लिए कुछ असिस्टेंट भी रखे। 6 महीने के अभ्यास के बाद महज 7 साल की उम्र में सुहानी ने 22 अक्टूबर 1997 को पहला मैजिक शो अहमदाबाद में आयोजित किया और उसके मुख्य अतिथि गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री शकर सिंंह वाघेला रहे। सुहानी के पहले शो ने ही उन्हें काफी मशहूर बना दिया और इसी के साथ देश को मिली पहली महिला जादूगर। इस शो की सफलता के बाद सुहानी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। यहां तक कि हर दिन कुछ नया सीखने के जुनून में सुहानी को अपना स्कूल तक छोड़ना पड़ा और पढ़ाई भी बंद करनी पड़ी।सुहानी की पढ़ाई छोड़ने को लेकर लोगों ने उसके माता-पिता और उसे भी बहुत कुछ कहा। मगर सुहानी ने हार नहीं मानी और रिहर्सल जारी रखी। सुहानी बताती हैं कि मैंने सबसे पहले आंख में पट्टी  बांधकर पढ़ना सीखा था,जो उनकी पहली ट्रिक भी थी।सुहानी पिछले 19 सालों से लगातार देश-विदेश में मैजिक शो कर रही हैं। इसके अलावा कई सेमिनार में वो बतौर मुख्य वक्ता शामिल होती रहती हैं। उन्होंने मैजिशियन बनने के लिए खुद ही कई तरह की ट्रिक इजाद की। सुहानी पल भर में ही स्टेज से लड़की को गायब कर देती हैं। उनके शो के दौरान सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र रैम्प वॉक होता है,जिसमें मॉडल के कपड़े पल भर में ही चलते-चलते बदल जाते हैं।मैजिक के साथ-साथ सुहानी सम्मोहन करना भी जानती हैं और इसके जरिए लोगों का तनाव भी दूर करती हैं। सुहानी कार्पोरेेट ट्रेनर के रूप में भी काम करती हैं जहां वो मेडिटेशन के जरिए कर्मचारियों के टेंशन को खत्म कर राहत देने की प्रणाली बताती हैं।सुहानी फिलहाल गोवा में रहकर अपना मेडिटेशन सेंटर चला रही हैं, जहां देश-विदेश से लोग सुकून की तलाश में आते हैं।

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